मुख्यमंत्री श्री चौहान एवं केन्द्रीय मंत्री श्री सिंधिया ने माधव नेशनल पार्क में छोड़ा बाघों का एक जोड़ा

 







मुख्यमंत्री श्री चौहान एवं केन्द्रीय मंत्री श्री सिंधिया ने माधव नेशनल पार्क में छोड़ा बाघों का एक जोड़ा 

मुख्यमंत्री श्री चौहान एवं केन्द्रीय मंत्री श्री सिंधिया ने बाघ मित्रों से की चर्चा

नेशनल पार्क में बाघों के आने से अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी होगी शिवपुरी की पहचान - श्री चौहान

बाघों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए जनजागरण के कार्यक्रम संचालित करें

27 वर्षों के बाद माधव नेशनल पार्क में सुनने को मिलेगी बाघों की दहाड़ - श्री सिंधिया

ग्वालियर / मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान एवं केन्द्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने शिवपुरी जिले के माधव नेशनल पार्क में आज बाघ का एक जोड़ा छोड़ा। इस मौके पर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष श्री व्ही.डी.शर्मा, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया, वन मंत्री श्री विजय शाह, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री श्री महेन्द्र सिंह सिसौदिया, सांसद डॉ.के.पी.यादव, श्रीमती प्रियदर्शनी राजे सिंधिया, श्री महाआर्यमन, प्रधान मुख्य वन संरक्षक वन्य प्राणी भोपाल श्री जसवीर सिंह चौहान, प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्री रमेश गुप्ता, मुख्य वन संरक्षक माधव राष्ट्रीय उद्यान श्री उत्तम कुमार शर्मा, वन संरक्षक श्री लवित भारती, कलेक्टर श्री रवीन्द्र कुमार चौधरी, पुलिस अधीक्षक श्री राजेश सिंह चंदेल आदि उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने माधव नेशनल पार्क शिवपुरी में नर एवं मादा बाघों के जोड़ों को बाड़े में छोड़ने के उपरांत बाघ मित्रों से सीधा संवाद किया। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने इस मौके पर कहा कि शिवपुरी एक ऐतिहासिक एवं प्राचीन एवं पर्यटन नगरी रहा है। नेशनल पार्क में आज दो बाद्यों के छोड़ने से अब शिवपुरी की अंतर्राष्ट्रीय मानचित्र पर पहचाना जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यावरण के संरक्षण एवं संवर्धन हेतु बाघों को संरक्षण के साथ उनकी सुरक्षा भी करनी होगी। उन्होंने कहा कि शिवपुरी में बाघों के आने से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेगा तथा देशी एवं विदेशी पर्यटकों के आने से भी जिले के इकोनिमी भी बढ़ेगी। श्री चौहान ने कहा कि अभी बाघों का एक जोड़ा जिसमें बाधवगढ़ नेशनल पार्क से मादा और सतपुड़ा नेशनल पार्क से नर बाघ छोड़ा गया है। शीघ्र ही तीन बाघ और छोड़े जाएगें। मुख्यमंत्री ने बाघ मित्रों से चर्चा करते हुए कहा कि हमें बाद्यों एवं वन्य प्राणियों के संरक्षण हेतु लोगों को जागरूक किए जाने के लिए जनजागरण कार्यक्रम संचालित कर लोगों को बताए कि वन प्राणी हमारे मित्र है हमें उन्हें संरक्षण देना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बाघ प्रोजेक्ट के तहत बाघों के संरक्षण एवं संवर्धन के साथ अद्योसंरचना के कार्य भी किए जाएगें। साथ ही बाघ परियोजना के तहत गाइडों, होटल एवं टैक्सी संचालकों आदि लोगों को भी प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके साथ-साथ होम स्टे को भी बढ़ावा दिया जाएगा। जिससे बाहर से आने वाले सैलानियों को प्राकृतिक एवं खुले वातावरण में बाघों एवं वन्य प्राणियां का खुले में दर्शन करने का अवसर भी मिलेगा। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ने के साथ-साथ स्थानीय उत्पादों को भी बढ़ावा मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह प्रदेश के लिए बड़ी खुशी की बात है कि देश के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने पूर्व में कूनो नेशनल पार्क में चीते छोड़े गए। जबकि शिवपुरी के नेशनल पार्क में आज दो बाघ छोड़े गए है। पूर्व में पन्ना नेशनल पार्क में भी बाघ छोड़े गए है।  

केन्द्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि 27 वर्षों के बाद माधव नेशनल पार्क में अब बाद्यों की दहाड़ सुनने के साथ उन्हें देखने का भी अवसर सैलानियों को मिलेगा। उन्होंने कहा कि शिवपुरी सहित अंचल के लिए आज का दिन ऐतिहासिक होने के साथ क्षेत्र के लिए गौरव की बात है। उन्होंने कहा कि उनके पूज्य पिताजी स्व.माधवराव सिंधिया की जयंती पर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के प्रयासों से आज माधव नेशनल पार्क में पुनः बाघों को विस्थापित किया गया है। उन्होंने कहा कि दूसरे चरण में माधव नेशनल पार्क में तीन बाघ और लाए जाएगें। श्री सिंधिया ने कहा कि बाघों के आने से जहां पर्यावरण संतुलित होगा वही स्थानीय स्तर पर विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार के अवसर पैदा होंगे। जिससे क्षेत्र की आर्थिक संपन्नता भी बढ़ेगी।

स्वसहायता समूहों के माध्यम से टूरिस्ट गाइडों को भी प्रशिक्षित किया जाएगा 

वन मंत्री कुंवर विजय शाह ने कहा कि स्वसहायता के माध्यम से स्थानीय लोगों को चार टैक्सियां उपलब्ध कराई जाएगी। जिससे सैलानियों को नेशनल पार्क का भ्रमण कराया जा सकेगा। इसके साथ-साथ टूरिस्ट गाइड के रूप में भी स्थानीय लोगों को प्रशिक्षित किया जाएगा। इससे स्थानीय स्तर पर भी रोजगार के अवसर पैदा होंगे। उन्होंने कहा कि सैलानियों के आने से स्थानीय होटलों के साथ-साथ होम स्टे माध्यम से भी रोजगार बढ़ेगा। 


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